अपनी लाइफस्टाइल को फिट रखना है तो ये है रामबाण इलाज

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चालीस की उम्र पार कर चुकी महिलाओं में खानपान की अनियमितता आदि से कैल्शियम की कमी हो जाती है। इसका नतीजा यह है कि घुटनों में दर्द और स्पांडलाइटिस की तकलीफ परेशान करने लगती है। इस आसन को करने से काफी लाभ होता है।

तितली आसन                 
महिलाओं में गर्भाशय संबंधी समस्या और मांसपेशियों में खिंचाव इस आसन से दूर हो जाते हैं। नियमित आसन करने से इस समस्या से निजात पाई जा सकती है।

कपालभाति                   
हर उम्र के स्त्री-पुरूष के लिए लाभकारी हैं। इससे फेफड़ों और नर्वस सिस्टम ठीक रहते हैं।

अनुलोम-विलोम               
सांस संबंधी दिक्कत, ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल में कारगर है। सभी कर सकते हैं।

भ्रामरी प्राणायाम           
मानसिक दबाव, एंजायटी और डिप्रेशन को दूर किया जा सकता है। सभी के लिए लाभकारी है।

शीतली प्राणायाम               
गर्मी के दिनों में शीतली प्राणायाम करने से एसिडिटी समेत पेट संबंधी दिक्कतें नहीं रहतीं। यह आसन बुजुर्गो को विशेष तौर पर अपनाना चाहि ए।

सूर्य नमस्कार                   
बच्चों के विकास, खासतौर पर लंबाई बढ़ाने और आंखों की रोशनी ठीक रखने को सूर्य नमस्कार बेहद जरूरी है।

वृक्ष आसन, सर्वागसन                 
इस आसन से शिक्षा और रोजगार संकट के चलते डिप्रेशन में आ रहे युवाओं को भी लाभ मिल सकता है। शारीरिक तौर पर सुगठित होने के लिए यह आसन अच्छे हैं।

ताड़ आसन-चक्र आसन                 
एकाग्रता के साथ साथ ह्वदय के लिए यह आसन हर किसी के लिए फायदेमंद हैं।

हल आसन                   
इस आसन से दिमाग में स्फूर्ति के साथ-साथ शारीरिक चुस्ती भी बनी रहती है

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