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पुदीना खाने के फायदे और नुकसान                                                                                       पुदीना के स्वास्थ्य एवं सौंदर्य लाभ – पुदीने के स्वास्थ्य लाभ ,पाचन तंत्र और लीवर के लिए , सांसों में ताजगी लाने के लिए, वजन घटाने में सहायक , पुदीने से होने वाले नुकसान  पुदीना के फायदे, उपयोग और नुकसान                        पुदीने (मेंथा पिपेरिटा) में औषधीय गुण पाए जाते हैं. पुदीने के पत्तों में मौजूद कैल्शियम, फास्फोरस, विटामिन सी, डी, ई और विटामिन बी कॉम्पलेक्स इम्युनिटी को बूस्ट करने यानी कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने ( Helpful For Increasing Immunity) में सहायक है.  यह केवल स्वास्थ्य के लिए ही नहीं बल्कि त्वचा की देखभाल करने की दृष्टी से भी बहुत लाभदायक है. आइए जानते हैं, पुदीना के अनेक लाभों और इसके सेवन से जुड़ी तमाम जानकारियों के बारे में… Health and Beauty Benefits Of Mint                                                                     पुदीने के स्वासथ के लिय घुडकारी                                                                                                               पुदीना में ऐसे कई औषधीय गुण मौजूद होते हैं, जो शरीर को शक्तिशाली बनाने में मदद करते है. तो फिर देर किस बात कि यहां जानिए पुदीने के स्वास्थ्य लाभ के बारे में विस्तार से…

पाचन तंत्र और लीवर के लिए – Beneficial For Digestion System and Good For Liver
पुदीना पाचन प्रणाली को शक्तिशाली बनाने व पाचन संबंधी कार्य को ठीक से कराने में मददगार है. अगर पेट खराब हो तो पुदीने की चाय पीने से राहत मिलती है. इसके अलावा पुदीना लीवर के लिए काफी फायदेमंद है. यदि पुदीने की पत्तियों का ताजा रस नींबू और शहद के साथ समान मात्रा में मिलाकर लिया जाए तो पेट की ज्यादातर बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है. इसके अलावा पुदीने की पत्तियों को नियमित रूप से सेवन आपको कई बीमारियों से दूर रखता है.                                                                                                                                  तेज याददाश्त 
विशेषज्ञों करा मानना है कि पुदीने की पत्तियो या इससे बने टॉफी- च्वींगम चबाने से याददाश्त तेज होती है और आपकी स्मरण शक्ति पर सकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है. सोचने व समझने की क्षमता में बढ़ोतरी होती है.                   सर्दी-खांसी, जुकाम में लाभदायक
पुदीने की तेज गंध सर्दी जुकाम को दूर भगाने में कारगर है. इसमें मौजूद एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लामेंट्री गुण खांसी-सर्दी, बंद नाक पर तेजी से असर दिखाता है. यह सीने में जमें बलगम (कफ) निकालने में मदद करता है. पुदीने के रस या पत्तों को गर्म पानी में डाल कर भाप लें. इससे गले और नाक दोनों की ही तकलीफ में राहत मिलती है. साथ ही दिन में दो बार पुदीने की चाय पीने से भी राहत मिलता है.

तनाव कम करने के लिए – Used For Reducing Stress
अगर आपको किसी भी तरह का तनाव रहता हो तो पुदीने के पत्तों को सेवन करें, इसमें तनाव कम करने के सारे गुण निहित हैं. बता दें कि पुदीने में मौजूद मेंथॉल और प्राकृतिक एंटी स्पास्मोडिक शरीर की मांसपेशियों को आराम देता है. जब कभी भी तनाव महसूस हो पुदीने की चाय का सेवन करें इसकी ठंडक आपके दिमाग को शांत रखेगी और मानसिक तनाव में काफी आराम मिलेगा.                                                                                              सांसों में ताजगी लाने के लिए 
पुदीने के औषधीय गुण सांसो में ताजगी लाते हैं. पुदीना मुंह के बैक्टेरिया को पूरी तरह से खत्म करने के अलावा दांतों और जीभ की गंदगी को भी दूर करता है. इसलिए मिंट के कई उत्पाद जैसे टॉफी, च्वींगम, टूथपेस्ट आदि बाजार में मौजूद हैं. पुदीने के चूर्ण का एक चम्मच दिन में दो बार सादे पानी के साथ लेने से सांसों से संबंधित परेशानियां दूर हो जाती हैं. इसके अलावा इसके पत्ते चबाने से भी मुंह की दुर्गंध दूर होती है व सांसों में ताजगी आती है.

वजन घटाने में सहायक 

पुदीना वजन घटाने के लिए तो रामबाण इलाज की तरह है. यह कई तरह के पाचन एंजाइमों को प्रेरित करता है, जो खाने में मौजूद पोषक तत्त्वों को अवशोषित करने, यानी शरीर द्वारा इसके गुणों को आसानी से सोखने में काफी सहायक है. यह पेट में जमा चर्बी (फैट) यानी कि अतिरिक्त वसा को ऊर्जा में बदल देता हैं, इससे वजन बढ़ने की समस्या से छूटकारा मिलता है. आप वजन कम करने के लिए अपने नियमित आहार में पुदीना शामिल कर सकते हैं.

डिटॉक्स वॉटर बनाने में भी पुदीना का जम कर इस्तेमाल किया जाता है. पुदीना, खीरा, नींबू, अदरक और पानी को मिला कर आप डिटॉक्स वॉटर तैयार कर सकते हैं. इसके लिए रात में एक जग में पानी भर कर, इन सारी चीजों को उसमें मिला कर रख दें और सुबह इसका सेवन करें, रोजाना इसका सेवन करने से वजन कम होता है. यही नहीं, पुदीने की पत्तियों को पीस कर पीने से भी वजन बहुत कम होता है.                                                              गर्भवती महिलाओं के लिए 
पुदीना गर्भवती महिलाओं के लिए भी काफी फायदेमंद होता है. यह पाचन के लिए आवश्यक एंजाइम को सक्रिय कर, सुबह में होने वाली परेशानी, यानी मॉर्निंग सिकनेस को दूर करता है. डॉक्टर की सलाहनुसार पुदीने के कुचले हुए पत्तों की महक गर्भवती महिलाओं के लिए जी मिचलाने की समस्या में राहत देती है. हालांकि स्तनपान कराने के दौरान इसका सेवन वर्जित होता है. स्तनपान कराने के दौरान निप्पल के दर्द को कम करने में भी इसके लेप का इस्तेमाल होता है. पुदीने से होने वाले सौंदर्य लाभ        पुदीना दिलाये मुंहासों से निजात
पुदीना के चमत्कारी गुण सौंदर्य संबंधी समस्याओं का भी निदान करने में सहायक है. इसका नियमित रूप से सेवन कर आप मुंहासों से छुटकारा पा सकते हैं. पुदीने में मौजूद एंटी इंफ्लामेंट्री और एंटी बैक्टेरियल गुण मुंहासों से छूटकारा दिलाने के साथ ही त्वचा के गड्ढों को भी भरने का काम करता है, यह त्वचा की नमी बनाए रखता है. एंटी सेप्टिक होने के कारण इसका प्रयोग साबुन और बॉडी वॉश के रूप में भी किया जाता है. इससे फंगर इंफेक्शन आदि समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है.                                                                                                            कैसे तैयार करें पुदीने का फेस पैक 
पुदीना का फेस पैक बनाने के लिए पुदीना की पत्तियों और गाजर को पीस लें. इसमें नींबू का रस मिला लें और फिर चेहरे पर लगाएं. 15 मिनट बाद चेहरा पानी से धो लें. इससे चेहरे को ठंडक मिलेगा व निखार आएगा. आप इस पैक को लगभग दो दिन तक फ्रिज में रख कर बाद में भी इस्तेमाल कर सकती हैं

आप पुदीने की पत्तियों को पीस कर उसमें सिर्फ नींबू के रस को मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकती हैं. इससे मुंहासों की समस्या से छुटकारा मिलता है, उनके निशान भी मिट जाते हैं, चेहरे पर नई चमक भी आती है. इसके अलावा झाईयां और झुर्रियों की समस्या से राहत मिलता है.                                                                               पुदीने के तेल के फायदे 
पुदीने का तेल भी स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है. चोट या शरीर में होन वाले दर्द में पुदीने का तेल लगाने से आराम मिलता है. अगर शरीर में या फिर सिर में लगातार दर्द सा बना रहता हो तो इस समस्या में भी पुदीने के तेल की का इस्तेमाल लाभ पहुंचाता है. इतना ही नहीं दांतों से संबंधित बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए भी इसके तेल का प्रयोग किया जाता है. यह तंत्रिकाओं और मासपेशियों को शांत करता है,                                                       ।पुदीने से होगी सेहत की समस्याएं दूर     प्रसव के समय पुदीने का रस पिलाने से प्रसव आसानी से हो जाता है

  • आंत्रकृमि में पुदीने का रस दें। अजीर्ण होने पर पुदीने का रस पानी में मिलाकर पीने से लाभ होता है।
  • पेटदर्द और अरुचि में 3 ग्राम पुदीने के रस में जीरा, हींग, कालीमिर्च, कुछ नमक डालकर गर्म करके पीने से लाभ होता है।
  • हैजे में पुदीना, प्याज का रस, नींबू का रस बराबर-बराबर मात्रा में मिलाकर पिलाने से लाभ होता है। उल्टी-दस्त, हैजा हो तो आधा कप पुदीना का रस हर दो घंटे से रोगी को पिलाएं।
  • गन्ने के रस के 5 फायदे तो आपको पता होने चाहिए.
  • बिच्छू या बर्रे के दंश स्थान पर पुदीने का अर्क लगाने से यह विष को खींच लेता है और दर्द को भी शांत करता है।
  • ताजा-हरा पुदीना पीसकर चेहरे पर बीस मिनट तक लगा लें। फिर ठंडे पानी से चेहरा धो लें। यह त्वचा की गर्मी निकाल देता है।
  • पुदीने के ताजे पत्तों को मसलकर मूर्छित व्यक्ति को सुंघाने से मूर्छा दूर होती है।
  • दस ग्राम पुदीना व बीस ग्राम गुड़ दो सौ ग्राम पानी में उबालकर पिलाने से बार-बार उछलने वाली पित्ती ठीक हो जाती है।
  • पुदीने को पानी में उबालकर थोड़ी चीनी मिलाकर उसे गर्म-गर्म चाय की तरह पीने से बुखार दूर होकर बुखार के कारण आई निर्बलता भी दूर होती है।
  • धनिया, सौंफ व जीरा समभाग में लेकर उसे भिगोकर पीस लें। फिर 100 ग्राम पानी मिलाकर छान लें। इसमें पुदीने का अर्क मिलाकर पीने से उल्टी का शमन होता है।
  • पुदीने के पत्तों को पीसकर शहद के साथ मिलाकर दिन में तीन बार चाटने से अतिसार सें राहत मिलती है।
  • तलवे में गर्मी के कारण आग पड़ने पर पुदीने का रस लगाना लाभकारी होता है।
  • हरे पुदीने की 20-25 पत्तियां, मिश्री व सौंफ 10-10 ग्राम और कालीमिर्च 2-3 दाने इन सबको पीस लें और सूती, साफ कपड़े में रखकर निचोड़ लें। इस रस की एक चम्मच मात्रा लेकर एक कप कुनकुने पानी में डालकर पीने से हिचकी बंद हो जाती है।
  • हरा पुदीना पीसकर उसमें नींबू के रस की दो-तीन बूंद डालकर चेहरे पर लेप करें। कुछ देर लगा रहने दें। बाद में चेहरा ठंडे पानी से धो डालें। कुछ दिनों के प्रयोग से मुंहासे दूर हो जाएंगे तथा चेहरे की कांति खिल उठेगी।
  • पुदीने का सत निकालकर साबुन के पानी में घोलकर सिर पर डालें। 15-20 मिनट तक सिर में लगा रहने दें। बाद में सिर को जल से धो लें। दो-तीन बार इस प्रयोग को करने से बालों में पड़ गई जुएं मर जाएंगी।
  • पुदीने और सौंठ का क्वाथ बनाकर पीने से सर्दी के कारण होने वाले बुखार में राहत मिलती है।

पुदीने से होने वाले नुकसान – Side Effects Of Mint Leaves
यूं तो पुदीने का इस्तेमाल शरीर की बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए किया जाता है, इसमें पाएं जाने वाले औषधीय गुण आपको स्वस्थ रखने में मददगार है, परंतु इसके कुछ नुकसान भी हैं, जिसे जानना आपके लिए जरूरी है. यदि आपको गैस्ट्रोएफेजील रिफलक्स रोग है तो पाचन समस्या को शांत करने के प्रयास में पुदीने का प्रयोग नहीं करना चाहिए. पित्त की पथरी होने पर भी पुदीने के उत्पादों का सेवन नहीं करना चाहिए. शिशु या बहुत छोटे बच्चों के चेहरे पर भी पुदीना ऑयल नहीं लगाना चाहिए. इसके अलावा पुदीने के तेल का अधिक मात्रा में अपयोग करना हानिकारक हो सकता है.                                                                                                                        पुदीने के पत्तों का सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसका अधिक सेवन गुर्दे और आंतों के लिए नुकसानदेह साबित होता है। अगर इसका अधिक सेवन किया गया है, तो उसे ठीक करने के लिए मुलेठी का सत्व और गोंद कतीरा मिलाकर सेवन करना चाहिए।

  

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