आँखों को स्वस्थ रखने के लिए घरेलू उपाय

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हमारी आँखें हमारे लिए प्रकृति द्वारा दी गयी वह वस्तु है, जिसका कोई मोल नहीं। जिसके ही दम पर हम किसी वस्तु के रूप और रंग को आसानी से देख और उसे सरलता से समझ सकते हैं। ये आँखें बहुत ही संवेदनशील होती हैं।

हमारी आँखें हमारे लिए प्रकृति द्वारा दी गयी वह वस्तु है, जिसका कोई मोल नहीं। जिसके ही दम पर हम किसी वस्तु के रूप और रंग को आसानी से देख और उसे सरलता से समझ सकते हैं। ये आँखें बहुत ही संवेदनशील होती हैं। और यह संवेदनशीलता ही इनकी इस महत्वा को बतलाती है। यदि ये आँखें न होती तो हमारे जीवन में सिर्फ अंधेरा ही अंधेरा ही होता। और इसके अभाव में हर प्राणी मात्र का जीवन जीना इस तरह सम्भव नहीं होता। इतना ही नहीं यह हम सबको एक अलौकिक रूप भी प्रदान करती हैं। और इस तरह हमारी सुंदरता अर्थात खूबसूरती में चार चांद भी लग जाते हैं। आँखों के इस महत्व को ध्यान में रखते हुए हर व्यक्ति को इसके प्रति सतर्कता बरतने की जरुरत है। अन्यथा हमारी एक छोटी सी भूल प्रकृति प्रदत्त बहुमूल्य वस्तु को मुझसे अलग कर सकती है।

आइये जानते हैं आँखों को ख़राब करने वाले इन कारकों के बारे में-

वैसे तो हर किसी के मन और मस्तिष्क में अपनी सुरक्षा का ख़याल रहा है। पर जहाँ बात हो अपनी बहुमूल्य आँखों का तो प्रत्येक व्यक्ति को यहां पर सतर्क होने की आवश्यकता है। तो आइए जानते हैं कि ऐसे कौन से कारक हैं जो हमारी आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं –

  • वाह्य आघातों अर्थात चोट का लगना।
  • प्रदूषण, इसमें पर्यावरण प्रदूषण प्रमुख है।
  • अधिक समय तक टीवी देखना। यदि देखें तो टेलीविजन से पर्याप्त दूरी रखें।
  • अधिकाधिक मोबाइल फोन का इस्तेमाल अर्थात मोबाइल स्क्रीन के सामने अधिक समय बिताना।
  • शरीर में पानी की कमी। जिसकी वजह से आंखों की मांस पेशियां सूखने लगती हैं।
  • किसी बीमारी की वजह से अधिक दवाइयां लंबे समय तक लेना।
  • चिड़चिड़ापन।
  • नींद न आना।
  • आंखों में लगने वाले केमिकल इत्यादि।

उपरोक्त ऐसे कारक जिन पर यदि ध्यान न दिया गया तो आने वाले समय में आपकी आंखें खराब हो सकती। और कभी-कभी गंभीर परिस्थितियों में ये हमेशा के लिए जा सकती हैं।

इन कारकों के संपर्क में आने से हमारी आंखों का रंग लाल, जलन, थकान के साथ दर्द और उनमें संक्रमण जैसी शिकायत हो सकती है। यदि आप इन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं तो आपको सतर्क होने की जरूरत है। इस स्थिति में यदि आयुर्वेद की मानें तो किसी डॉक्टर या वैद्य से मिलने से पहले आप इस समस्या को दूर करने के लिए बताए गए कुछ घरेलू उपायों को आजमा सकते हैं। जो पूरी तरह तरह सुरक्षित और लाभकर हैं।

आंखों को ठीक रखने के घरेलू उपाय-

आंखों को स्वस्थ रखने के लिए आयुर्वेद में कई तरह के नुस्खे उपलब्ध हैं, जिन्हें आजमाकर आप आंखों की समस्या से निजात पा सकते हैं-

1.गुलाब जल-

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है जिस तरह आंखों में धूल या मिट्टी के कण जाने पर हम अपनी आंखों को ठंडे जल से साफ करते हैं। ठीक उसी तरह गुलाब जल भी हमारी आंखों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। यह आंखों की थकान और जलन को दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है जिसका इस्तेमाल हम सीधे बूंद के रूप में या साफ रूई को भिगोकर भी कर सकते हैं।

2. खीरे का इस्तेमाल-

खीरे का इस्तेमाल सब्जियों खासकर सलाद के रूप में किया जाता है। सलाद को शीतक फल भी कहते हैं क्योंकि इसकी तासीर बहुत ठंडी होती है जिसका इस्तेमाल आंखों की जलन और उसे ठंडक पहुंचाने के लिए किया जाता है। जिसके पतले टुकड़े काटकर आंखों पर रखने से राहत मिलती है। ऐसा करने से आंखों के जलन शीघ्र ही दूर हो जाती है।

3. कैस्टर आयल-

आयुर्वेद में कैस्टर आयल अपने बहुगुणी गुणों के कारण जाना जाता है। जिसका इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के रोगों के उपचार में किया जाता है। पर जहां बात हो आंखों की समस्या का तो भी यह किसी से पीछे नहीं। इसके लिए साफ रूई को कैस्टर आयल में भिगोकर बंद आंखों के ऊपर कुछ समय के लिए रखने से लाभ मिलता है। आप चाहे तो कैस्टर ऑयल के साथ आंखों की हल्की मसाज भी कर सकते हैं जिससे जलन के साथ-साथ आंखों की थकान भी हमेशा के लिए दूर हो जाएगी।

4. दूध और शहद का मिश्रण-

जैसा कि आप जानते हैं शहद का इस्तेमाल हमारे लिए लाभकारी होता है। जो छोटी-मोटी कई प्रकार की बीमारियों को दूर करने के लिए उपयोग में लाया जाता है। यदि आंखों से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या से पीड़ित है तो इस शहद को दूध के साथ समान मात्रा में अच्छे से मिला ले। तत्पश्चात इस मिश्रण इस्तेमाल आप आई ड्रॉप के रूप में साथ ही साथ इस मिश्रण से अपनी आंखों को भी धो सकते हैं। संक्रमण की स्थिति में आंखों को शीघ्र ही लाभ मिलेगा।

5. एलोवेरा-

एलोवेरा अपने गुणों के लिए जाना जाता है। जो लाल हुई आंखों को ठीक करने के साथ-साथ यह आंखों की सूजन को भी कम करने में सक्षम होता है। क्योंकि एलोवेरा में पाए जाने वाला एंटीबैक्टीरियल गुण आंखों में होने वाली किसी भी प्रकार के संक्रमण को होने से रोकता है।

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