कोरोना के कारण माता-पिता की आकस्मिक मृत्यु से अनाथ हुए 597 बच्चों की अभिभावक बनी राज्य सरकार<

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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोविड-19 से अनेक परिवारों में आजीविका उपार्जन करने वाले माता-पिता की आकस्मिक मृत्यु हुई है। ऐसे प्रभावित परिवारों के बच्चों के लिये राज्य सरकार अभिभावक की भूमिका निभा रही है। इसके लिये कोरोना संकट काल में 21 मई 2021 को मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना शुरू की गई। योजना में अभी तक 597 बाल हितग्राहियों को आर्थिक एवं खाद्य सुरक्षा प्रदान की गई है। इन बाल हितग्राहियों की शिक्षा की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार उठायेगी।

मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना में झाबुआ जिले में 2, अलीराजपुर में 15, खण्डवा में 25, बुरहानपुर में 9, मंदसौर में 29, उज्जैन में 9, आगर में 8, ग्वालियर में 39, दतिया में एक, अशोकनगर में 2, मुरैना में 7, रीवा में 3, सीधी में 6, सिंगरौली में 4, उमरिया में 2, शहडोल में 4, टीकमगढ़ में 14, छतरपुर में 8, सागर में 8, विदिशा में 6, बैतूल में 15, जबलपुर में 15, नरसिंहपुर में 10, छिंदवाड़ा में 15, देवास में 32, रतलाम में 22, राजगढ़ में 15, पन्ना में 16, बालाघाट में 28, नीमच में 6, शाजापुर में 9, सिवनी में 18, रायसेन में 7, हरदा में 9, धार में 14, शिवपुरी में 14, भोपाल में 18, इंदौर में 25, निवाड़ी में 5, सतना में 23, बड़वानी में 8, अनूपपुर में 7, गुना में 7, कटनी में 7, दमोह में 8, सीहोर में 9, भिण्ड में 11, खरगोन में 5, मण्डला में 4, श्योपुर में 3 और होशंगाबाद जिले में 11 बाल हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा चुका है।

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