मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 328 बाल हितग्राहियों के खाते में 16.40 लाख रूपये अंतरित किये<

Please Share This News

मुख्यमंत्री प्रत्येक जिले में पालक अधिकारी नियुक्त करने के दिये निर्देश

मुख्यमंत्री श्री शिवराज चौहान ने आज कोविड-19 बाल सेवा योजना के अंतर्गत सिंगल क्लिक से 16 लाख 40 हजार रुपये की राशि 328 बाल हितग्राहियों के खाते में अंतरित की। उन्होंने कहा कि एक जीवित और जागरूक समाज के रहते हुए कोई कैसे अनाथ रह सकता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि योजना के हितग्राहियों को 5 हजार रूपये प्रतिमाह, भोजन के लिए राशन की व्यवस्था, शिक्षा के लिए भारत में कहीं भी शिक्षा का वहन राज्य सरकार करेगी।

चिन्ता न करें आपका मामा आपके साथ है

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप और फोस्टर केयर के अंतर्गत इंदौर, राजगढ़, सिवनी, बैतूल, मंदसौर, सतना एवं ग्वालियर के 13 बच्चों और अभिभावकों से वर्चुअली चर्चा की। उन्होंने बताया कि बाल सेवा योजना में माता-पिता अथवा घर में कमाने वाले सदस्य की कोरोना से मृत्यु हो जाने से उनके आश्रित बच्चों को प्रति सदस्य 5 हजार रुपये प्रति माह, राशन एवं उनकी शिक्षा संबंधी सभी जिम्मेदारियाँ राज्य सरकार द्वारा वहन की जायेगी। बच्चों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसके अलावा भी यदि अन्य कोई आवश्यकता होगी, तो कलेक्टर्स उनकी देखभाल करेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों की देखभाल के लिए हर जिले में एक पालक अधिकारी नियुक्त किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जीवित समाज के रहते कोई कैसे अनाथ हो सकता है, उन्होंने कहा कि मैं ऐसे ही नहीं कह रहा दुनिया में अनेक उदाहरण हमारे सामने हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को बचपन में ही खो दिया था परंतु उन्होंने कभी हार नहीं मानी, वे आगे बढ़े और इतने आगे बढ़े कि समाज के पथ प्रदर्शक बनें। गोस्वामी तुलसीदास, विवेकानंद, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जार्ज वाशिंगटन आदि गुरू शंकराचार्य, मिल्खा सिंह, नेल्सन मंडेला, स्टीव जाव्स सहित अनेक उदाहरण हमारे सामने हैं, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में दुनिया को दिशा दिखाई।

कलेक्टर इंदौर के संज्ञान पर मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश

कलेक्टर इंदौर श्री मनीष सिंह द्वारा मुख्यमंत्री श्री चौहान के संज्ञान में लाया गया कि एक प्रकरण में बाल सेवा योजना के हितग्राही बच्चों की दादी ने उनके माता-पिता के मकान को जिसकी लागत लगभग एक करोड़ थी, औने-पौने दाम में 40 लाख रुपये में बेचे जाने का मामला सामने आया। इस पर प्रशासन द्वारा हस्तक्षेप कर प्रकरण में कार्यवाही की गई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने तुरंत सभी कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि ऐसे प्रकरणों के सामने आने पर तुरंत कार्रवाई कर हितग्राहियों की सम्पत्ति को सुरक्षित एवं संरक्षित करें। माता-पिता की संपत्ति उनके बच्चों के नाम ही हो, यह सुनिश्चित करें। उन्होंने कलेक्टर इंदौर की पहल को अनुकरणीय बताया।

स्पॉन्सरशिप योजना

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत 223 हितग्राहियों को दो हजार रुपये प्रतिमाह प्रति हितग्राही के रूप में 4 लाख 46 हजार रुपये की राशि अंतरित की गई। हितग्राही जिनके माता या पिता में से एक की मृत्यु एक मार्च 2021 से पहले हुई हो, उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं हो, उन्हें इस योजना का लाभ दिलाने के लिए भारत सरकार की स्पॉन्सरशिप योजना का सरलीकरण किया गया।

फोस्टर पेरेन्ट्स योजना के तहत किया मोटिवेट

मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा ग्वालियर की श्रीमती विभा अनेजा एवं सुश्री ज्योति भावना से चर्चा की गई। श्रीमती विभा द्वारा, स्वयं के बच्चे होते हुए भी 2 बालिकाओं को फोस्टर केयर पर लिया गया। इसके बाद एक बालिका, जो पोक्सो पीड़ित थी, को फोस्टर केयर पर लिया गया था। बालिकाओं को शिक्षा के साथ पढ़ाई और व्यवसायिक प्रशिक्षण कराया जा रहा है। इसके अलावा ज्योति भावना की अशासकीय संस्था द्वारा 8 बालिकाओं को फोस्टर केयर में लिया गया है, जिन्हें दो हजार रूपये प्रतिमाह की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

[ays_slider id=1]

इसे भी पढे ----

वोट जरूर करें

[poll id]

आज का अपना राशिफल देखें

Get Your Own News Portal Website 
Call or WhatsApp - +91 84482 65129