आज भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के 16वें सतत विकास सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया

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आज भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के 16वें सतत विकास सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया।
सम्मेलन में डेनमार्क की पर्यावरण मंत्री सुश्री ली वर्मेलिन तथा CII के महानिदेशक श्री चंद्रजीत बनर्जी व एडवायजरी काउंसिल (सतत विकास के लिए उत्कृष्टता केंद्र) के चेयरमैन श्री संजीव पुरी जी के साथ अनेक उद्यमी भी वर्चुअल रूप से जुड़े।
डेनमार्क से भारत के बहुत अच्छे संबंध है, प्रधानमंत्री श्री मोदी जी की लगातार यह कोशिश रही है कि दोनों देश ज्ञान व तकनीक का एक-दूसरे के लिए उपयोग करें।
कृषि क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन सहित अन्य चुनौतियां है, जिनसे निपटने के लिए भारत सरकार गंभीरता के साथ अपनी भूमिका का निवर्हन कर रही है। मौसम के असंतुलन से कहीं सूखा है तो कहीं बाढ़, ऐसी विपरीत स्थितियों के मद्देनजर सरकार पूरी तरह गंभीर है। हमारे वैज्ञानिक बहुत शिद्दत के साथ समुचित बीज आदि को लेकर काम कर रहे हैं।

कोविड संकट में भी भारत के किसानों ने कड़ी मेहनत की और अच्छी बुवाई की व बंपर उत्पादन हुआ है। भारत कृषि प्रधान देश है, कृषि क्षेत्र ने जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत अभी तक देश के 11 करोड़ से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में लगभग एक लाख सत्तावन हजार करोड़ रु. जमा कराए गए हैं।

किसानों के उत्थान के लिए संकल्पित मोदी सरकार कृषि सुधार कानून लाई है, जो कृषि के क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव लाने वाले हैं। नए कृषि कानूनों से किसानों के लिए पूरा देश एक खुला बाजार होगा। इसके मद्देनजर निजी क्षेत्र भी अब आधुनिक कृषि व्यापार प्लेटफार्मों में निवेश कर सकता है, गोदामों-कोल्ड स्टोरेज जैसी फसल पश्चात सुविधाएं स्थापित कर सकता है। इससे किसानों के लिए कम शुल्क में बेहतर सुविधाओं का मार्ग प्रशस्त होगा। यह कृषि क्षेत्र के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इन सुधारों ने निवेश के पर्याप्त अवसर पैदा किए हैं और गैप्स कम करने की कोशिश की

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