मणिपुर में शनिवार को घात लगाकर किए गए एक हमले में असम राइफल्स की 46वीं बटालियन के कमांडिंग आफिसर (सीओ), उनके परिवार के दो सदस्यों और अर्धसैनिक बल के चार जवानों की मौत हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कायराना हमले की कड़ी निंदा की है। उन्‍होंने कहा- मैं मणिपुर में असम राइफल्स के काफिले पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। मैं उन वीर जवानों और उनके परिवार के सदस्यों को श्रद्धांजलि देता हूं जो आज शहीद हुए हैं। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।

वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि मणिपुर के चुराचांदपुर में असम राइफल्स के काफिले पर किया गया यह हमला कायराना और निंदनीय है। इस हमले में शामिल दोषियों को नहीं बख्‍शा जाएगा। इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इन गुनहगारों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने भी इस हमले की निंदा की है। उन्‍होंने कहा- मणिपुर में असम राइफल्स के काफिले पर हमला निंदनीय है। यह कायरतापूर्ण कृत्य आतंकवाद के सभी रूपों को जड़ से खत्म करने के हमारे संकल्प की पुष्टि करता है।

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्‍होंने कहा- मैं 46 असम राइफल्‍स के काफिले पर हुए इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा करता हूं जिसमें आज चुराचांदपू में सीओ और उनके परिवार सहित कुछ कर्मियों की मौत हो गई। राज्य के बल और अर्धसैनिक बल पहले से ही उग्रवादियों को पकड़ने के लिए काम कर रहे हैं। दोषियों को बख्‍शा नहीं जाएगा। जल्‍द ही उन्‍हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।

भाजपा अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने भी इस हमले की निंदा की। उन्‍होंने कहा- मणिपुर के चुराचांदपुर में आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। राष्ट्र इन वीर सपूतों का सदैव ऋणी रहेगा। ईश्वर शोकाकुल परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।

समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना म्यांमार की सीमा से लगे चुराचांदपुर जिले में हुई। बताया जाता है कि उग्रवादियों ने असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर IED से हमला किया। रिपोर्टों के मुताबिक हमले में 46 असम राइफल्स के कमांडिंग अधिकारी कर्नल विप्लव त्रिपाठी की पत्नी और बेटे की भी मौत हो गई। कर्नल त्रिपाठी छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के रहने वाले थे।

सेना के एक अधिकारी ने बताया कि उग्रवादियों ने पहले 46 असम राइफल्स के कमांडिंग आफिसर कर्नल विप्लव त्रिपाठी के काफिले पर घात लगाकर हमला करने के लिए IED ब्लास्ट किया और फिर मणिपुर के चुराचांदपुर में बल के वाहनों पर फायरिंग की। कमांडिंग आफिसर अपने फारवर्ड कंपनी बेस से अपने बटालियन मुख्यालय लौट रहे थे। समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक अभी तक किसी भी उग्रवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।